मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के चलते हुई 16 बच्चों की मौत के बाद इसका असर अब मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भी देखने को मिल रहा है। यहां सोमवार शाम को ड्रग इंस्पेक्टर की निगरानी में मेडिकल एजेंसीज सहित थोक और रिटेल मेडिकल दुकानों पर छापा मार कार्रवाई की गई। इस दौरान जहां खंडवा शहर में ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा 12 मेडिकल शॉप, तो वहीं जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर में भी स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा सात मेडिकल दुकानों पर यह छापामार करवाई अंजाम दी गई।
कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर ने इन दुकानों की अलमारियों में रखी दवा की शीशियों को बारीकी से चेक किया। उन दवाओं में किंस तरह के ड्रग का इस्तेमाल हुआ है। उसकी भी जांच की और दवा दुकानों के ड्राज और छिपी जगहों पर भी बारीकी से पड़ताल करते हुए दवाओं के सैंपल देखे। हालांकि गनीमत रही कि इस पूरी करवाई के दौरान किसी भी मेडिकल एजेंसी या दुकान पर किसी तरह की कोई प्रतिबंधित कफ सिरप वाली दवाइयां नहीं पाई गईं।
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इस कार्रवाई को लेकर खंडवा ड्रग इंस्पेक्टर मंजीत जामले ने बताया कि छिंदवाड़ा में बीते दिनों कफ सिरप के चलते हुए बच्चों की मौत के बाद प्रदेश मुख्यालय से जांच के निर्देश मिले थे। जिस पर मालूम किया गया तो खंडवा में प्रतिबंधित ड्रग्स का किसी तरह का आवागमन नहीं पाया गया है, लेकिन फिर भी मेडिकल दुकानों पर औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें किसी भी तरह की प्रतिबंधित दवाई नहीं पाई गई है। साथ ही दुकान संचालक को इस तरह के निर्देश दिए गए हैं कि 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बगैर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं दी जाए।