मध्यप्रदेश में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच अब विरोध के सुर भी देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में शनिवार देर शाम प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर सियासत गरमा गई। यहां के वार्ड क्रमांक 15 में तीन परिवारों को 24 घंटे में मकान खाली करने का नोटिस मिलने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने मोर्चा खोल दिया है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, परिवारों में दहशत
जानकारी के अनुसार स्थानीय प्रशासन ने वार्ड 15 में वर्षों से रह रहे तीन परिवारों को अतिक्रमण हटाने के लिए 24 घंटे का नोटिस थमा दिया है। वहीं नोटिस मिलते ही प्रभावित परिवारों में हड़कंप मच गया। रोते-बिलखते इन परिवारों के सदस्यों का कहना है कि वे लोग अचानक कहां जाएंगे। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों का दर्द सुनने के बाद तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर बात की, और कार्रवाई में मोहलत मांगी। वहीं मीडिया से चर्चा में कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के लिए विकास कार्य जरूरी हैं, इसका हम स्वागत करते हैं। लेकिन गरीब परिवारों को उजाड़ने से पहले उनके सिर पर छत, उचित मुआवजा और रोजगार की गारंटी दी जाए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि विकास के साथ लोगों के अधिकारों का भी संरक्षण हो।
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महिलाओं की चेतावनी: मांग नहीं मानी तो होगा आंदोलन
प्रभावित महिलाओं ने भी स्थानीय प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द पुनर्वास और मुआवजे पर फैसला नहीं हुआ तो नगरवासियों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
क्यों अहम है मामला
दरअसल सिंहस्थ 2028 को लेकर तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम तेज है। इसी कड़ी में अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के नोटिस मिलने से गरीब परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवार की मांगों और कांग्रेस के अल्टीमेटम पर क्या रुख अपनाता है।