मध्य प्रदेश के खंडवा नगर के इंदिरा चौक स्थित, भाजपा कार्यालय के सामने मंगलवार दोपहर बुलडोजर कार्रवाई अंजाम दी गई, जिसको लेकर निगम में विपक्ष के कांग्रेसी नेता दीपक उर्फ मल्लू राठौर इसका विरोध करते दिखाई दिए। दरअसल यहां स्थानीय निगम का अतिक्रमण दस्ता अवैद्ध गुमठियों और ठेलों को हटाने पहुंचा था। निगम की यह कार्रवाई जारी थी। उसी बीच मुल्लू राठौड़ वहां पहुंचकर हंगामा करने लगे। इस दौरान उनके साथ क्षेत्र से हटाए जा रहे गुमठी संचालक भी नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि सुंदरता के नाम पर छोटे लोगों को हटाया जा रहा है, जबकि बीजेपी का कार्यालय भी अवैद्ध बना हुआ है। यहां से छोटे व्यापारियों को हटाकर बीजेपी के पदाधिकारियों के ऑफिस खुलवाए जाएंगे, जिसको लेकर निगम अधिकारी से जब उन्होंने सवाल किया, तो निगम के अधिकारी भाग खड़े हुए।
खंडवा नगर निगम के द्वारा इन दिनों लगातार बाजार में पसरे अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। इसी के चलते मंगलवार दोपहर भी निगम का अमला उपायुक्त एसआर सिटोले के निर्देशन में शहर के इंदिरा चौक पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करने पहुंचा था। इस दौरान निगम अमले के साथ जेसीबी मशीनें भी थीं, जिनके जरिए अतिक्रमण मुक्त कराए गए चौराहे और बीजेपी दफ्तर के सामने निगम के अमले ने, अवैध अतिक्रमण करने वाले वाली गुमटियों को हटाकर, सड़क को चौड़ा करते हुए समतलीकरण किया था, लेकिन बीजेपी दफ्तर के सामने जब निगम की जेसीबी खुदाई कर रही थी, इसी बीच हटाये जा रहे व्यापारियों के समर्थन में खंडवा निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक उर्फ मल्लू राठौर भी वहां पहुंच गए। उन्होंने छोटे व्यापारियों को हटाए जाने का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया । इस दौरान उन्होंने आरोप लगाए की निगम का अमला उन दुकानदारों को हटा रहा है, जिन्हें शिवराज सिंह के समय 10 हजार रुपये का लोन देकर व्यवसाय करने के लिए बढ़ावा दिया गया था । हालांकि उस लोन में भी निगम ने गड़बड़ी की, जिसके चलते इन व्यापारियों के सिबिल स्कोर खराब हो गए।
निगम में हिम्मत हो तो हटाए बीजेपी का अतिक्रमण
यही नहीं, नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने आरोप लागये कि बीजेपी सरकार के समर्थन से निगम ने यह अपना व्यापार बना लिया है कि अतिक्रमण के नाम पर लोगों को डराना, धमकाना और फिर उनसे पैसे लेकर वसूली करना। जिसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि निगम ने बीते दिनों कई दुकानें बेसमेंट की सील करी थीं, जिन्हें रातों-रात पैसे लेकर वापस खोल दिया गया। तो निगम को बताना चाहिए कि किस नियम के तहत दुकानें सील हुई थीं और वापस से किस नियम के अंतर्गत दुकान खोली गईं। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि यहां भाजपा के द्वारा अवैध अतिक्रमण किया गया है। जिसे जब उन्होंने निगम उपयुक्त को दिखाया और इस पर कार्रवाई करवाने की बात कही, तो वह भाग गए। अगर उनमें हिम्मत है तो पहले वह बीजेपी का पसरा अतिक्रमण और बीजेपी का कार्यालय हटाएं। जिसके बाद यहां के व्यापारी सभी अपनी मर्जी से अपना अपना अतिक्रमण हटा लेंगे।
निगम बताए बीजेपी का कार्यालय वैध है या अवैध
वहीं मुल्लू राठौर ने आरोप लगाया कि जिन छोटे व्यापारियों को हटाया जा रहा है वे सभी लोग बीजेपी के वोटर हैं। जिन्होंने बीजेपी को वोट दिया है। ये उनके ही लोग होने के बावजूद भाजपा शासन में निगम अधिकारी इन्हें ही डस रहे हैं। इन गरीब लोगों को 10 हजार रु का लोन देकर डिफॉल्टर करवाया गया है। निगम अधिकारियों को बताना चाहिए कि, किस नियम के तहत वे यहां अतिक्रमण हटा रहे हैं, और उन्हें बताना चाहिए कि बीजेपी का यह कार्यालय वैध है या अवैध है। इसके बाद हम भी उनके काम में सहयोग करते हुए अतिक्रमण हटाने साथ देंगे।