मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्रामीण अंचल में वन अमले पर ग्रामीणों द्वारा हमला करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि वन क्षेत्र की जिस भूमि पर पिछले साल पौधारोपण किया गया था और जिसकी सुरक्षा वन विभाग के जिम्मे थी, उस भूमि पर कुछ ग्रामीणों ने अपनी भेड़-बकरियों को चराना शुरू कर दिया था।
सूचना मिलने पर वनरक्षक मवेशियों को रोकने के लिए मौके पर पहुंचा, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया, जिससे वनरक्षक घायल हो गए। वनरक्षक ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। हमले में वनरक्षक को हाथ और पैरों में चोटे आई है। वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पूरा मामला निंबोला थाना क्षेत्र के ग्राम ठाठर बलडी की वन भूमि के कक्ष क्रमांक 169 का है।
7-8 लोगों ने किया हमला
घायल वनरक्षक रधु वास्कले ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग सुरक्षित वन क्षेत्र में मवेशी चरा रहे हैं। वहां पहुंचकर उसने लोगों से ऐसा करने से मना किय तो वहां मौजूद 7-8 लोगों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया। इसके बाद वनरक्षक ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दी और बताया कि उसके हाथ-पैरों पर चोट आई है।
पुलिस में की गई शिकायत
घायल वनरक्षक को अस्पताल में देखने पहुंचे डिप्टी रेंजर योगेश सावकारे ने बताया कि यह घटना निंबोला वन क्षेत्र की है, जहां 2023 में पौधारोपण करवाया गया था। कुछ लोगों ने अवैध रूप से अपनी भेड़-बकरियां वन क्षेत्र में चरा रहे थे। वन स्टाफ के रधु वास्कले ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया। घायल वनरक्षक को अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना की शिकायत पुलिस से की गई है।