मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर स्थित ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारजी मालवा भ्रमण के बाद एक बार फिर से वापिस तीर्थ नगरी पधार चुके हैं। तीर्थ नगरी में श्री जी मंदिर ट्रस्ट और श्रद्धालुओं द्वारा ढोल ढमाके और बाजे गाजे के साथ बाबा भोलेनाथ की अगवानी की गई। साथ ही भगवान के स्वागत में ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में भगवान को 56 व्यंजनों का भोग भी लगाया गया। बता दें कि गोपाष्टमी पर बीते वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मालवा भ्रमण के लिए गए ओंकारजी ज्योतिर्लिंग 15 दिन बाद भैरव अष्टमी पर वापस ओंकारेश्वर पधारे हैं।
मालवा निमाड़ अंचल के भक्तों के हाल-चाल जानने के लिए बीते 15 दिवस से मालवा भ्रमण पर गए बाबा भोलेनाथ लौट आए हैं। वहीं इस दौरान भगवान ओंकार के स्वागत के लिए ओंकारेश्वर मंदिर परिसर को महकदार फूलों से सजाया गया। यही नहीं यहां मौजूद मंदिर परिसर में स्थित अन्य सभी मंदिरों को भी सजाया गया। इसके साथ ही भैरव अष्टमी पर्व होने के चलते परिसर में ही स्थित बटुक भैरव मंदिर को सजाकर चोला चढ़ाया गया और शृंगार किया गया। जिसके बर्फ ढोल धमाकों के साथ ओंकारजी महाराज की अगवानी करी गई। भगवान को छप्पन भोग भी लगाए गए। वहीं अब पहले की ही तरह एक बार फिर से रात्रि में चांदी का झूला लगया जाएगा और भगवान के लिए चौपड़ पासे बिछाये जायेंगे।
इस दौरान मंदिर के पंडित डंकेश्वर दीक्षित ने बताया की परंपरा अनुसार वर्ष में एक बार बाबा भोलेनाथ मालवा निमाड़ में भक्तों के हाल-चाल जानने जाते हैं। उस दौरान रात्रि शयन आरती में लगने वाले चौसढ़ पास और अन्य पूजन बंद रहता है, जो अब शुरू होकर भैरव अष्टमी पर भगवान के आगमन पर आज से फिर से शयन आरती प्रारंभ होगी।