मध्यप्रदेश के खंडवा नगर स्थित नंद कुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज के एक प्रोफेसर के आत्महत्या करने का बड़ा मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार मेडिकल कालेज के बायोकेमेस्ट्री विभाग के डेमोंस्ट्रेटर डॉक्टर द्वारका प्रसाद गोत्रे ने शनिवार को शहर के मोघट थाना अंतर्गत आने वाली रामेश्वर पुलिस चौकी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने आकर सुसाइड कर लिया। घटना के बाद मृतक डॉक्टर का क्षत विक्षत शव रेलवे के अप ट्रैक पर खम्बा नम्बर 571 और 572 के बीच मिला। वहां से गुजर रही मालगाड़ी के ड्राइवर ने देखा तो सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त करवाई।
बताया जा रहा है कि मृतक डॉक्टर की बाइक डाउन ट्रैक पर खड़ी हुई मिली है। पुलिस की पड़ताल मृत व्यक्ति का शव खंडवा मेडिकल कॉलेज के एकेडमिक स्टाफ का निकला, जिनका नाम प्रोफेसर द्वारका प्रसाद गोत्रे है, जोकि राजपुरा थाना जिला बड़वानी का रहने वाले थे। मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर गोत्रे को लेकर मिली प्रारंभिक जानकारी में मालूम चला है कि वे पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में थे। हालांकि फिलहाल बदहवास परिजन के बयान नहीं हुए हैं, लेकिन पुलिस आगे की जांच कर रही है और देर शाम ही परिजनों के खंडवा पहुंचने पर शव का पोस्ट मार्टम कराकर डेड बॉडी परिजन के सुपुर्द कर दी गई है।
वहीं, इस मामले की जानकारी देते हुए खंडवा सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि थाना मोघट के अंतर्गत आने वाली रामेश्वर चौकी पर सूचना मिली थी कि ट्रेन के सामने आकर किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा आत्महत्या कर ली गई है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तस्दीक की, जिसमें मालूम चला कि मृतक मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के पद पर पदस्थ थे। इसके बाद अब इस मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और पुलिस की जांच फिलहाल जारी है।
वहीं सीएसपी बारंगे ने बताया कि आत्महत्या से जुड़े कारणों में फिलहाल प्रथम दृष्टया मालूम चला है कि मृतक डॉक्टर डिप्रेशन के शिकार थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। हालांकि अभी इस जानकारी को वेरीफाई किया जा रहा है और इसको लेकर परिजनों से भी पूछताछ जारी है। इसमें अभी उनके बयान होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। साथ ही फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट भी पुलिस को अब तक नहीं मिला है, जिसके बाद रात को ही उनकी बॉडी का पोस्टमार्टम करवाया गया है।