मध्यप्रदेश के खंडवा नगर के इंदौर रो़ड पर बुधवार को किसानों ने जमकर हंगामा करते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। दरअसल यहां स्थित अनाज मंडी में मक्का की उपज के सही दाम नहीं मिलने से नाराज किसान सड़क पर उतर आए, जिससे खंडवा-इंदौर मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। हंगामा कर रहे किसानों का कहना था कि कल तक जो मक्का की उपज मंडी में 22 सो से 23 सौ रुपए तक खरीदी गई थी, वही आज 1200 और 1300 रु. में खरीदी जा रही है।
इसके विरोध में यहां अपनी उपज लेकर पहुंचे करीब 200 से अधिक ट्रॉलियों में से 130 से अधिक ट्रॉलियां किसान वापस लेकर चले गए, तो वहीं बचे हुए किसान यहीं मंडी से बाहर आकर सड़क पर चक्काजाम कर हंगामा करने लगे। इधर सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम बजरंग बहादुर से भी किसानों की जमकर बहस हुई। किसानों का कहना था कि एसडीएम ने किसानों को उपज के सही दाम के लिए भोपाल जाने की सलाह दी है, जबकि वे खुद यहां के जिम्मेदार हैं, और उन्हें इस तरह से नहीं कहना चाहिए था। वहीं हंगामा होने पर मंडी सचिव सहित बड़ी संख्या में तीनों थानों का पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा, और किसानों की समझाइश दी गई।
कम दाम मिलने पर किया था चक्काजाम
इधर हंगामा कर रहे किसान सेवकराम ने बताया कि खंडवा उपज मंडी में आज मक्का का उचित दाम नहींं मिला रहा है। एक दिन पहले मंडी में मक्का 2300 रुपए प्रति क्विंटल के ऊपर बिका था, आज 1300 सौ रुपये का दाम मिल रहा है। इसको लेकर चक्काजाम किया गया है। आज किसान काफी परेशान हैं। उसकी उपज का उसे सही दाम नही मिलने से लागत तक नहीं मिल पा रही है।
खंडवा में मिल रहे अच्छे दाम
वहीं चक्काजाम की सूचना मिलते ही खंडवा एसडीएम, मंडी सचिव और शहर के तीनों थाने के थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुचा। काफी मशक्कत के बाद समझाइश दिए जाने पर किसान माने और चक्काजाम खत्म हुआ। इस दौरान मंडी सचिव ओपी खेड़े ने मक्का के दामों को लेकर कहा कि मक्का में नमी के चलते कम दाम मिल रहा है। अच्छी मक्का 2300 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर व्यापारी खरीद रहे हैं। आज भी मक्का का दाम अन्य जिलों की मंडी से खंडवा मंडी का दाम अधिक है।
इसलिए दी भोपाल जाने की सलाह
इधर चक्का जाम को लेकर खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने कहा कि किसानों को कुछ लोगों ने मक्का के दाम को लेकर गलत अफवाह फैला दी थी कि किसानों को व्यापारियों द्वारा कम भाव दिया जा रहा है। उन्हें समझाइश देकर हकीकत बता दी गई है। समझाइश के बाद किसानों ने चक्काजाम भी खत्म कर दिया है। वहीं किसानों के भोपाल जाने के आरोपों पर उन्होंने बताया कि किसानों की जो मांग थी वो शासन स्तर पर फैसला लेने वाली थी, वो हमारे अधिकार क्षेत्र की नहीं थीं, जिसके लिए उन्हें भोपाल जाने की सलाह दी थी।