भगवान श्री हरि विष्णु चार माह की योग निंद्रा के बाद मंगलवार को देवउठनी एकादशी पर आज जाग जाएंगे। देव के उठने के कारण ही इसे देव प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। इस बार देव 118 दिन के बाद योग निंद्रा से जाग रहे हैं। इसके साथ ही 4 माह से रुके मांगलिक कार्य भी इस दिन से शुरू हो जाएंगे। हालांकि इस साल देवउठनी एकादशी और 2 फरवरी को बसंत पंचमी पर्व पर शादी का एक भी मुहूर्त नहीं है, वहीं तीसरे अबूझ मुहूर्त अक्षय तृतीया वाले दिन सिर्फ दोपहर में ही शादी का मुहूर्त है।
ज्योतिषाचार्य पं. मुरलीधर व्यास ने बताया कि 12 नवंबर मंगलवार को देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन सूर्य तुला राशि में रहेंगे, जो 16 नवंबर तक रहेंगे। विवाह मुहूर्त वृश्चिक राशि के सूर्य से प्रारंभ हैं। इस साल वृश्चिक राशि में सूर्य 16 नवंबर को रात 8 बजे से विचरण करेंगे। वहीं 16 को संक्राति दोष होने के कारण विवाह लग्न नहीं बन रहे हैं। ऐसे में 17 नवंबर से विवाह लग्न प्रारंभ होंगे। साथ ही 16 दिसंबर तक वृश्चिक राशि में सूर्य के होने के कारण विवाह के मुहूर्त रहेंगे। 16 दिसंबर से सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जो 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन तक विवाह एवं मांगलिक कार्य बंद रहेंगे।
विवाह के लिए 17 नवंबर से 8 जून तक मुहूर्त
पंडित व्यास ने बताया कि इस बार शादियां 17 नवंबर 2024 से शुरू होकर 8 जून 2025 तक शुभ मुहूर्त में हो सकेंगी। नवंबर में 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26, 28 नवंबर और दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 9, 10, 11, 14, और 15 दिसंबर तक होंगी। इसके बाद 12 जून से 8 जुलाई तक गुरु का तारा अस्त होने के कारण शादी के शुभ मुहूर्त नहीं है। इसके बाद अगले चार माह चातुर्मास में देवशयनी एकादशी लगने के चलते 6 जुलाई 2025 को शादियां बंद हो जाएंगी, फिर 2 नवंबर 2025 को देवउठनी एकादशी के साथ ही शुरू होंगी।
बाजार में 25 से 30 रुपए में मिल रहा एक गन्ना
देवउठनी एकादशी के चलते शहर के प्रमुख स्थानों पर गन्ने सहित पूजा सामग्री की दुकानें सज गई हैं। बाजार में एक गन्ना 25 से 30 रुपए में मिल रहा है। इस तरह 5 गन्ने 120 से 150 रुपए में बेचे जा रहे हैं। हालांकि अभी देर रात तक गन्ने के सस्ते होने के आसार हैं। वहीं नगर के घंटाघर बाजार, जिला अस्पताल के सामने, पुरानी अनाज मंडी, निमाड़ नर्सरी के पास, बायपास पर गन्नों का बाजार लग गया है।