प्रदेश में जारी भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को सोमवार देर शाम मौसम के बदले मिजाज ने राहत दी, लेकिन यह राहत किसानों के लिए संकट बनकर आई। कटनी जिले के बिलहरी उपतहसील अंतर्गत करहैया, कैमोरी, तिलगवां समेत आधा दर्जन गांवों में 20 से 25 मिनट तक तेज आंधी और भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे जनजीवन तो कुछ समय के लिए ठंडा हुआ, लेकिन खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो गईं।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक आए तूफान और ओलावृष्टि ने सड़कों, खेतों और घरों के आंगनों को बर्फ की सफेद चादर से ढक दिया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा गया कि किस तरह एक लोडर वाहन पूरी तरह ओलों से ढक गया और एक व्यक्ति उसे फावड़े से साफ करता दिखा। इस प्राकृतिक आपदा ने जहां आम लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गेहूं समेत कई फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। अनुमान है कि क्विंटलों अनाज की बर्बादी हुई है।
मौसम विभाग ने पहले ही 4 मई तक प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई थी। जबलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाला कटनी जिला भी इस चेतावनी में शामिल था। विभाग के अनुसार, प्रदेश में कई वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे आने वाले दिनों में और भी जिलों में मौसम की यह मार देखी जा सकती है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में तत्काल सर्वे करवाने के निर्देश सभी जिलों के कलेक्टरों को जारी किए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि किसानों को नुकसान का पूरा मुआवजा सुनिश्चित किया जाए और जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए। प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। किसानों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकार से जल्द मदद मिलेगी और उनका नुकसान कुछ हद तक भरपाई में बदलेगा।