झाबुआ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत दिन-ब दिन लचर होती जा रही है। समय पर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावों के साथ शुरू की गई एंबुलेंस के हाल बेहाल होते नजर आ रहे हैं।
हाल ही में जहां रविवार के दिन थांदला के मुख्य चौराहे पर अचानक एंबुलेंस बंद हो गई। दो दिन की मशक्कत के बाद इस एंबुलेंस को शुरू किया गया। वहीं ताजा मामला मंगलवार की रात मेघनगर का है, जहां एंबुलेंस के अभाव में एक गर्भवती को सड़क पर ही बेटी को जन्म देना पड़ा।
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जानकारी के अनुसार गर्भवती महिला को परिजन डिलीवरी के लिए अस्पताल ले जाना चाह रहे थे, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। जिसके बाद परिजनों पुलिस को सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग का काम पुलिस प्रशासन ने पूरा किया। पुलिस एक महिला नर्स को लेकर मौके पर पहुंची और सफल डिलीवरी करवाई।
घोसलिया छोटा गांव की रहने वाली सीमा भूरिया को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरी में परिजन सीमा को बाइक से अस्पताल ले जाने लगे। मेघनगर के टेंपो स्टैंड के पास महिला की पीड़ा बेहद बढ़ गई और वहीं प्रसव की स्थिति बन गई। इसी दौरान सूचना मिलने पर मेघनगर थाना मोबाइल दल तुरंत सक्रिय हुआ। पुलिस टीम अस्पताल से एक नर्स को साथ लेकर मौके पर पहुंची। फिलहाल जच्चा और बच्चा जिला चिकित्सालय में स्वस्थ है।