बदनावर-टिमरवानी फोरलेन मार्ग निर्माण में मुआवजे को लेकर भारतीय किसान संघ का आंदोलन झाबुआ में चौथे दिन भी जारी रहा। रविवार को आंदोलन के बीच किसान संघ के प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्राम गृह में कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया और नागर सिंह चौहान से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने फोरलेन से प्रभावित किसानों की समस्याओं और मुआवजे को लेकर उनकी मांगों को मंत्रियों के सामने विस्तार से रखा।
मुलाकात के दौरान किसानों ने मुआवजा निर्धारण में आ रही परेशानियों सहित अन्य समस्याओं से मंत्रियों को अवगत कराया। किसान संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी जमीन और प्रभावित संपत्तियों का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इस दौरान मंत्रियों ने मामले को भोपाल स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। साथ ही किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने पर भी सहमति बनी। मंत्रियों से मुलाकात के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान संघ के इंदौर संभाग अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह राठौर ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही है। मंत्रियों ने किसानों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कुछ सुझावों के साथ पूरे मामले को मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचाने की बात कही है। मुख्यमंत्री से किसानों की मुलाकात कराने को लेकर भी सहमति बनी है।
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हालांकि किसान संघ ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। राठौर ने कहा कि जब तक सरकार की ओर से किसानों के पक्ष में कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय सामने नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच संगठन ने आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। राठौर ने बताया कि इंदौर में प्रस्तावित भारतीय किसान संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक अब झाबुआ में ही आयोजित की जा रही है। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से संगठन के पदाधिकारी झाबुआ पहुंच चुके हैं। बैठक के माध्यम से आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।
किसान संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों की मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं करती है, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के 18 जिलों से कार्यकर्ताओं को झाबुआ बुलाकर बड़े स्तर पर घेराव किया जाएगा। संगठन ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है। मंत्रियों से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय उपाध्यक्ष दयाराम धाकड़, प्रांतीय सह संगठन मंत्री अतुल माहेश्वरी, प्रांत मंत्री महेश ठाकुर और इंदौर संभाग अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह राठौर शामिल रहे। फिलहाल सरकार के आश्वासन के बाद किसानों को मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाली चर्चा से समाधान की उम्मीद है, लेकिन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा से प्रशासन और सरकार के सामने चुनौती बनी हुई है।