बरगी बांध क्रूज हादसा में समीप ही निर्माणाधीण पुल में कार्य करने वाले मजदूरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले राहत व बचाव कार्य प्रारंभ किया था। मजदूरों ने क्रूज में फंसे लगभग 15 यात्रियों को बांध से बाहर निकाला। इसमें से दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी। संसाधन के अभाव में उन्होंने सिर्फ रस्से के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को सुरक्षित बचाने में अहम भूमिका अदा की।
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बिंद्र कुमार यादव (28) निवासी पश्चिमी चंपारण बिहारी निवासी ने बताया कि वह बरगी बांध के समीप बन रहे निर्माणाधीन पुल में मजदूर का काम करता था। जब उसने बांध में क्रूज को अनियंत्रित डूबते हुए देखा तो उसे अपने साथियों को तत्काल रस्सा लेकर आने के लिए कहा। इसके बाद वह और उसके साथी रस्ता लेकर नदी में यात्रियों को बचाने के लिए कूद गए। उनके बाद संसाधन नहीं थे, इसलिए वह सिर्फ 15 यात्रियों को सुरक्षित बचा सके। उनके पास वोट होती तो वह शायद अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाल सकते थे।
पश्चिम बंगाल निवासी रमजान (22) ने बताया कि क्रूज को डूबते हुए देखने के बाद उसने लोग को बचाने के लिए तत्काल रस्सी लेकर बांध में छलांग लगा दी। उसने रस्सी लेकर लगभग 25 फीट ऊंचे पहाड़ से बांध में कूद गया था। उसने 6 व्यक्तियों को बाहर निकाला। जिसमें से चार व्यक्ति सुरक्षित थे और दो की मौत हो गई थी।