जबलपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर चरगंवा क्षेत्र के ग्राम बड़ैयाखेड़ा में शव दफनाने को लेकर दो पक्षों आमने सामने आ गए। एक पक्ष इसे कबिस्तान की जमीन बता रहा था तो दूसरा चरगाह बता रहा था। ग्रामीणों के साथ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और धर्म विशेष के लोग पहुंचे थे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासनिक टीम पहुंची और समझाइश दी लेकिन दोनों पक्ष मानने तैयार नहीं थे बाद में नपाई हुई। इसके बाद जनाजे को जबलपुर ले जाकर कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया।
चरगवां थाना प्रभारी अभिषेक प्यासी जानकारी के मुताबिक ग्राम बड़ैयाखेड़ा निवासी एक बुजुर्ग की मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। बुधवार को विशेष समुदाय के लोग शव लेकर दफनाने पहुंचे। इसी दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी लगी, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एएसपी अंजना तिवारी, एसडीएम शहपुरा और तहसीलदार ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया दोनों पक्ष नहीं माने। एक पक्ष जमीन को कब्रिस्तान की जगह बता रहे थे दूसरा पक्ष इसे चरगाह बता रहा था। हिंदू संगठनों का कहना है कि जिस जमीन पर शव को दफनाया जा रहा है, वह शासकीय चारागाह की भूमि है, जबकि विशेष समुदाय के लोगों का दावा है कि यह जमीन वर्षों पुराना कब्रिस्तान है और यहां हमेशा से दफन किया जाता रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्पष्ट किया कि विवादित जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी और कानून के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। लेकिन तनाव बढ़ गया। जमीन की बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले तीखी बहस हुई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।
ये भी पढ़ें- भागीरथपुरा में दूषित पानी से 25वीं मौत, अस्पताल में भर्ती हो चुका था युवक
उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करते हुए आगामी दिनों में जमीन की नपती शुरू करवाई का आश्वासन देते हुए पटवारी और आरआई को भी मौके पर बुलाया गया है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल बलाया गया था। पुलिस ने दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी और शांति बनाए रखने की अपील की। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।