जबलपुर में कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की गेट में शनिवार सुबह वाहन चेकिंग के दौरान पर्यटकों व चलित न्यायालय कोर्ट के सिविल जज व उनके स्टॉफ के बीच विवाद हो गया था। सिविल जज के द्वारा अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा न्यायिक कार्य में बांधा डालने का अपराध वैगरह थाने में दर्ज करवाया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया है।
गौरतलब है कि कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की गेट में सात दिसम्बर की सुबह सफारी के दौरान चलित न्यायालय कोर्ट के सिविल जज दयाल सिंह सूर्यवंशी ने वाहन चेकिंग प्रारंभ कर दी थी। इस दौरान नेशनल पार्क में पर्यटकों को लेने वाले सफारी वाहनों को रोक गया था, जिसका सफारी वाहन में सवार पर्यटकों ने विरोध प्रारंभ कर दिया था। उनका कहना था कि उन्होंने पहले से सफारी बुक विधिवत तरीके से करवाई गयी थी। चेकिंग के नाम पर उन्हें सफारी पर जाने के लिए रोका जा रहा है। विदेश व देश-प्रदेश से आये पर्यटकों ने विरोध करना प्रारंभ कर दिया था। विदेशी पर्यटकों का कहना था कि वह इस संबंध में अपने देश के दूतावास से शिकायत करेंगे।
बैहर एसडीओपी के एल बंजारा ने बताया कि सिविल जज दयाल सिंह सूर्यवंशी ने शिकायत दर्ज करवाई है कि सात दिसम्बर की सुबह वह अपने स्टॉफ के साथ कान्हा के मुक्की गेट पर चलित न्यायालय के माध्यम से वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने बलवा कर दिया और शासकीय कार्य में बांधा पहुंचाई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। इसके साथ ही मुक्की गेट पर सुरक्षा की दृष्टि से विशेष बल लगाया जा रहा है। कान्हा नेशनल पार्क पार्क प्रबंधन का कहना है कि चलित न्यायालय के माध्यम से वाहन चेकिंग प्रारंभ करने के संबंध में उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गयी थी। पर्यटकों से पार्क प्रबंधन ने चर्चा की थी, जिसके बाद उन्होंने सफारी का आनंद लिया।