फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Harda News: सड़क दुर्घटना में घायल को हैलीकॉप्टर से भेजा भोपाल, पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना बनी संजीवनी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा Updated Tue, 29 Apr 2025 07:33 AM IST

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना सोमवार को प्रदेश के हरदा जिले के एक मरीज के लिए उस समय जीवनदायिनी बन गई, जब गंभीर घायल एक मरीज को एयरलिफ्ट कर हरदा से भोपाल ले जाया गया। बता दें कि, प्रदेश की मोहन सरकार ने गंभीर मरीजों को तत्काल बड़े शहरों के उच्च स्तरीय अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना प्रारम्भ की है। इस योजना के अंतर्गत सोमवार को हरदा जिले के रोलगांव निवासी एक 27 वर्षीय युवक दिनेश उईके को हरदा जिले से एयर लिफ्ट कर भोपाल के हमीदिया मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तरीय उपचार के लिए हैलीकॉप्टर से रवाना किया गया।

ये भी पढ़ें- BJP के बहुमत वाली हरदा नपा में जीते कांग्रेस के अहद खान,भाजपा पार्षदों की क्रॉस वोटिंग से उलटफेर

बता दें कि दिनेश शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचपी सिंह ने बताया कि मल्टीपल फ्रैक्चर होने से दिनेश का हरदा के जिला चिकित्सालय में बेहतर ढंग से उपचार नहीं हो पा रहा था। इसलिए एयर एम्बुलेंस की आज ही उन्होने डिमांड की थी, और कुछ ही देर में दिनेश के लिए एयर एंबुलेंस भोपाल से आ गई। एयर एम्बुलेंस से आए डॉक्टर्स ने दिनेश का स्वास्थ्य परीक्षण किया और कुछ ही देर में हरदा स्थित हैलीपेड से घायल को भोपाल में उच्च स्तरीय उपचार के लिए एयर एम्बुलेंस से रवाना हो गया।

ये भी पढ़ें-  बिजली का खंबा गाड़ने पहुंचे जेई ने फसल को रौंदा, किसान ने रोका तो दर्ज कराया मुकदमा, हुआ हंगामा

एयर एंबुलेंस में मौजूद चिकित्सीय स्टाफ ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा यह पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना चलाई जा रही है। इसमें मरीज को पूरे भारत में कहीं भी उच्च इलाज के लिए ले जाया जाता है। इसमें जो भी गंभीर रूप से घायल मरीज हो या फिर जो भी मरीज गंभीर बीमारी से पीड़ित हो, एवं जिनका इलाज उनके शहर या जिले में नहीं हो सकता हो। तब ऐसे में उन मरीजों को एयर एंबुलेंस की मदद से निशुल्क सेवा प्रदान करते हुए बड़े अस्पताल में भेजा जाता है। फिर चाहे वो अस्पताल देश के किसी भी शहर में क्यों न हों।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें