फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gwalior News: मंत्री ने जिस सड़क का जायजा लिया, दो घंटे बाद ही वो धसक गई, दो कार्यपालन यंत्री निलंबित

Tue, 15 Jul 2025 12:30 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

देशभर में चर्चित हो चुकी ग्वालियर की चेतकपुरी महल रोड एक बार फिर सुर्खियों में है। साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क एक महीने के भीतर 15 बार धंस चुकी है, जिससे न केवल जनता परेशान है बल्कि शासन-प्रशासन की भी फजीहत हो रही है। ताज़ा घटनाक्रम में जब ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट शहर में सड़कों का निरीक्षण करने पहुंचे, तो चेतकपुरी रोड पर न जाने को लेकर पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया। सवालों से बचते हुए मंत्री मौके से निकलते नज़र आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

पत्रकारों के सवालों से बचते नज़र आए मंत्री
प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने शहर की अन्य जर्जर सड़कों का निरीक्षण तो किया, लेकिन चेतकपुरी महल रोड पर जाने से परहेज़ किया। जब पत्रकारों ने पूछा कि वह महल रोड पर क्यों नहीं जा रहे, तो मंत्री ने जवाब दिया, "मैं जाऊंगा, लेकिन कब जाऊंगा, यह आपको नहीं बताऊंगा।" सवालों से बचते हुए मंत्री वहां से चले गए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और मंत्री के रवैये की आलोचना हो रही है।


ये भी पढ़ें- इंदौर में नगर निगम ने एयरटेल कंपनी को बताया गड्ढे के लिए जिम्मेदार, एफआईआर होगी

मंत्री की मौजूदगी में सड़क फिर धंसी
मंत्री सिलावट जब निरीक्षण के दौरान पॉश इलाके सिटी सेंटर पहुंचे, तो कुछ घंटे पहले बनी सड़क अचानक धंसक गई। सड़क के नीचे सीवर का होल खुल गया, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मंत्री और अन्य लोग बाल-बाल बचे।

इंजीनियर निलंबित, भोपाल से जांच टीम रवाना
सड़क की खराब गुणवत्ता और निर्माण में लापरवाही के चलते चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है। प्रभारी मंत्री सिलावट ने कहा कि सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी हुई है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भोपाल से विशेषज्ञों की टीम ग्वालियर भेजी गई है जो चेतकपुरी रोड की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

नगर निगम की लापरवाही उजागर
नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने चेतकपुरी रोड की लगातार धंसकने की घटनाओं को गंभीर मानते हुए इसे पर्यवेक्षण में लापरवाही का मामला बताया। इसके तहत कार्यपालन यंत्री पवन सिंघल और सुरेश अहिरवार को निलंबित किया गया है, जबकि दो अन्य इंजीनियरों पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें