प्रदेश के गुना जिले के अंतर्गत आने वाले धरनावदा थाना क्षेत्र में ईसाई धर्म प्रचारकों द्वारा धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तुरंत इस मामले में संज्ञान लिया और पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक 22 सितंबर को चरण सिंह पुत्र मदनलाल आदिवासी निवासी ग्राम सरसवेह ने धरनावदा थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि शनिवार सुबह उसे खबर मिली कि उसके गांव के बालमुकुंद आदिवासी के घर पर हिंदू धर्म के लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण कराया जा रहा है। जानकारी मिलते ही उसके द्वारा सूचना हिंदू संगठन के लोगों को दी, जिस पर रुठियाई से संगठन की टीम सरसवेह पहुंच गई। बालमुकुंद आदिवासी के घर पहुंचकर देखा तो वहां बालमुकंद आदिवासी, सावित्री बाई आदिवासी एवं पिंकी आदिवासी हरिजन, आदिवासी समाज के भोले-भाले लोगों को ईसाई धर्मग्रंथ देकर अंदर भेज रहे थे, जहां ईसाई धर्म प्रचारक संजय साइमन एवं मंजू साइमन निवासी बापची नगर बारां राजस्थान द्वारा उन्हें पैसे व गिफ्ट देने का प्रलोभन देकर एवं दीपक जलाकर व प्रार्थना करवाकर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा था। इस मामले में धरनावदा पुलिस ने संजय पुत्र भरत कुमार साइमन, मंजू पत्नी संजय साइमन निवासी बापची नगर बारां राजस्थान, बालमुकुंद पुत्र खेमचंद आदिवासी, सावित्री बाई पत्नी रघुवीर आदिवासी निवासी सरसवेह और पिंकी पत्नी माखन सहरिया निवासी ग्राम कलोरा थाना फतेहगढ़ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी धरनावदा का राजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि हमें सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र में ईसाई दंपती अजा जजा वर्ग से जुड़े हुए लोगों का धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं और उन्हें इसके लिए प्रलोभन भी दिया जा रहा है। उक्त मामले में आरोपी पति-पत्नी के विरुद्ध धार्मिक स्वतंत्रा अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।