कॉलोनाइजरों के षड्यंत्र में फंसकर जेल की सजा काट चुके दिव्यांग लक्ष्मण जाटव का हाल-चाल जानने राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह उनके निवास पर पहुंचे। जयवर्धन सिंह ने जाटव के परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली और इस मामले में गुना पुलिस के रवैये व कार्रवाई की घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि वे लक्ष्मण जाटव के मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
दरअसल, गुना शहर के श्रीराम कॉलोनी निवासी दिव्यांग लक्ष्मण जाटव ने जुलाई 2024 में कुछ कॉलोनाइजरों के खिलाफ एसपी से शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता लक्ष्मण जाटव पर ही धोखाधड़ी का केस दर्ज कर दिया। जाटव को 47 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। इस दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई, उन्हें ब्रेन हेमरेज सहित कई बीमारियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच हाईकोर्ट ने लक्ष्मण जाटव को बरी कर दिया, लेकिन जाटव परिवार अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आज भी संघर्ष कर रहा है।
जयवर्धन सिंह ने पुलिस पर उठाए सवाल
जयवर्धन सिंह ने लक्ष्मण जाटव और उनके परिजनों से मुलाकात कर पीड़ित परिवार की व्यथा सुनकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गुना पुलिस ने जमीन माफिया के खिलाफ आवेदन देने वाले निर्दोष व्यक्ति को ही जेल भेज दिया। जब वह निर्दोष पाया गया तो उसके खिलाफ शिकायत करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जयवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से सवाल किया है कि जब गुना में निर्दोष व्यक्तियों पर इस तरह की कड़ी कार्रवाई हो रही है, तो आमजन को गुना पुलिस किस तरह न्याय दिला रही होगी? उन्होंने कहा कि गुना पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते आम आदमी न्याय की उम्मीद नहीं कर सकता।
परिवार को न्याय दिलाने का दिया भरोसा
जयवर्धन सिंह ने लक्ष्मण जाटव के परिजनों को आश्वासन दिया कि वे उनकी लड़ाई भोपाल तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि परिवार को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।