गुना जिले में पुलिस प्रशासन की निष्क्रिय कार्यप्रणाली का एक बेहद संगीन मामला सामने आया है, जिसमें एक दुष्कर्म पीड़िता की लगभग 3 महीने तक स्थानीय थाने में सुनवाई नहीं हुई तो वह अपने परिजनों के साथ आरोपियों के नाम की तख्ती गले में लटकाकर गुरुवार को महिला थाने पहुंच गई, जिसके पश्चात एक जनवरी को हुए घटनाक्रम और दुष्कर्म की धाराओं में आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक गुना जिले की जामनेर पुलिस पर दुष्कर्म के आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार ने महिला थाने में शिकायत की है। महिला और परिजनों का आरोप है कि जामनेर पुलिस ने दुष्कर्म की शिकायत नहीं सुनी, बल्कि आरोपियों की शिकायत पर पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई। दुष्कर्म की घटना तीन महीने पहले की बताई जा रही है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक आरोपियों ने 1 जनवरी को एक बार फिर फरियादिया के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की, लेकिन जब महिला के परिजन उसे बचाने के लिए पहुंचे तो 6 आरोपियों ने मिलकर कुल्हाड़ी और अन्य घातक हथियारों से हमला कर घायल कर दिया। परिवारजनों का कहना था कि जामनेर पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की, इसलिए वे महिला थाने पहुंचे हैं। इसके बाद वे एसपी कार्यालय भी जाएंगे।
हालांकि महिला थाना पुलिस ने पीड़िता को गुना जिला अस्पताल भेज दिया, जहां मेडिकल परीक्षण के पश्चात मारपीट और दुष्कर्म की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया। एसडीओपी युवराज सिंह ने बताया कि यह दो पक्षों के बीच विवाद था, जिसमें एक पक्ष ने पहले अपनी शिकायत दर्ज कराई और दूसरा पक्ष बाद में थाने पहुंचा।