मध्यप्रदेश के गुना जिले के राघौगढ़ थाना क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित मक्का के खेत में पिता और पुत्र का शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों पिता पुत्र बकरियां चराने एक दिन पहले घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटे तो परिजन उन्हें रातभर खोजते रहे। शनिवार को उनके शव मक्का की खड़ी फसल वाले खेत में मिले। पिता का शव जमीन में गड़ा हुआ था, जबकि बेटे का शव पास ही बागड़ में मिला।
राघौगढ़ के वार्ड 3 में रहने वाले 80 वर्षीय प्रभुलाल केवट और उनका बेटा लक्ष्मीनारायण जिसकी उम्र लगभग 30 साल बताई गई है। शुक्रवार को अपनी एक दर्जन के करीब बकरियां चराने गए थे। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया और थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन रात को भी उसी खेत पर पहुंचे थे, लेकिन यहां काम कर रहे व्यक्ति ने दोनों पिता-पुत्र को नहीं देखने की बात कही। फिर शनिवार को उनके शवों की जानकारी भी उसी व्यक्ति ने पुलिस को दी।
इधर, घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाईवे 46 पर जाम लगा दिया। शहर के मुख्य मार्ग पर भी प्रदर्शन किया। थोड़ी ही देर में पूरा राघौगढ़ शहर बंद हो गया। पूरा शहर परिजन के साथ खड़ा दिखाई दिया। आधे घंटे से अधिक समय तक नेशनल हाईवे पर नारेबाजी कर चक्का जाम रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठी रहीं। ऐसे में दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। चक्काजाम की सूचना पर एएसपी मान सिंह ठाकुर मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी। जिसके बाद लोग सड़क से हटे और जाम खुला। घटना के विरोध में आज रविवार को भी पूरा राघौगढ़ शहर बंद रहेगा, जिसका आव्हान सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है।