फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Guna News: जमीन विवाद से परेशान परिवार ने मांगी सामूहिक इच्छामृत्यु, कलेक्टोरेट में जनसुनवाई का किया विरोध

Tue, 10 Mar 2026 07:49 PM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

गुना जिले में जमीन विवाद से परेशान एक परिवार ने प्रशासन से न्याय नहीं मिलने पर सामूहिक इच्छामृत्यु की अनुमति मांग ली। मंगलवार को कलेक्टोरेट परिसर में जनसुनवाई के दौरान ग्राम टोरिया निवासी एक बुजुर्ग अपने परिवार के सदस्यों के साथ विरोध प्रदर्शन करते हुए पहुंचे। परिवार के हाथों में “जनसुनवाई बंद करो” और “प्रशासन के झूठे आश्वासन नहीं चाहिए” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं। पीड़ित परिवार का कहना है कि लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें अब तक कोई ठोस न्याय नहीं मिला है।

पीड़ित श्यामबाबू शर्मा ने बताया कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि पर गांव की हरिजन बस्ती के कुछ लोगों ने कथित रूप से कब्जा कर रखा है। उनका आरोप है कि दबंगों ने जमीन पर जबरन रास्ता निकाल लिया है और उन्हें अपनी ही जमीन पर खेती करने से रोक दिया जाता है। श्यामबाबू के अनुसार इस विवाद के कारण पिछले करीब दो वर्षों से वे अपनी जमीन का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके परिवार की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों में वे एक दर्जन से अधिक बार प्रशासनिक अधिकारियों के पास अपनी शिकायत लेकर जा चुके हैं। इसके अलावा वे आठ बार जनसुनवाई में भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। श्यामबाबू का कहना है कि हर बार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का भरोसा दिया जाता है, लेकिन बाद में मामला आगे नहीं बढ़ पाता।

ये भी पढ़ें- Cabinet: मुख्यमंत्री युवा गवर्नेंस इंटर्नशिप योजना को मंजूरी, 4,865 युवाओं का चयन होगा, हर माह मिलेंगे 10 हजार

हर बार मिलता है आश्वासन
बुजुर्ग ने तहसील और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तहसीलदार कमल मंडेलिया द्वारा कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन हर बार यह कहकर कार्रवाई टाल दी जाती है कि पुलिस बल उपलब्ध नहीं है। वहीं जब वे अपनी समस्या लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तो वहां से उन्हें बताया गया कि पुलिस बल की कमी नहीं है और यदि तहसीलदार मांग करेंगे तो पुलिस उपलब्ध करा दी जाएगी। अधिकारियों के इस आपसी टालमटोल से परेशान होकर परिवार ने अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

मंगलवार को कलेक्टर के नाम सौंपे गए आवेदन में श्यामबाबू शर्मा ने लिखा कि जमीन पर कब्जे के कारण उनका परिवार आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खेती नहीं कर पाने के कारण परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें उनकी जमीन वापस दिलाने में सक्षम नहीं है तो उनके 22 सदस्यीय परिवार को सामूहिक इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए या फिर उन्हें देश छोड़ने की अनुमति दी जाए। इस दौरान कलेक्टोरेट परिसर में मौजूद लोगों ने भी परिवार की व्यथा सुनी। प्रशासनिक अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें