गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र के चांदनभेंट गांव में 45 वर्षीय व्यक्ति को बिस्तर में सोते समय सांप ने डस लिया। परिजन पीड़ित को सीधे अस्पताल लेकर आने की बजाए घंटों तक झाड़-फूंक का सहारा लेते रहे। इसके चलते युवक तड़पता रहा और पूरे शरीर में जहर फैलने की वजह से अंत में उसकी जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक ग्राम चांदनभेंट निवासी गनपत सिंह भील को मंगलवार-बुधवार के बीच की अल सुबह करीब 4 बजे जहरीले सांप ने डसा था। गनपत सिंह भील अपनी झोपड़ी में ही जमीन पर सो रहा था। सांप द्वारा गनपत को काटने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे सीधे झाड़-फूंक करवाने के लिए बोरखेड़ा लेकर गए, जहां कई घंटों तक झाड़-फूंक के बाद भी उसे आराम नहीं मिला। लगभग 12 घंटों के बाद बुधवार शाम 5 बजे पीड़ित गनपत को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब तक उसके शरीर में जहर इस हद तक फैल गया कि एंटी डोज ने भी काम नहीं किया और गनपत सिंह की मौत हो गई। बुधवार को जिला अस्पताल में ही गनपत के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और उसके शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।
गौरतलब है कि बारिश के दिनों में जहरीले जानवरों के बिलों में पानी घुस जाने के कारण वे सुरक्षित स्थान तलाश करते हैं और ऐसे में वे घर आदि का भी रुख करते हैं, और लोग सर्प दंश जैसी घटनाओं का शिकार होते हैं। हालांकी सभी सांप इतने विषेले नहीं होते लेकिन इलाज में देरी करने के कारण सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है, लेकिन लगातार डॉक्टरों के अपील करने के बावजूद भी ग्रामीण सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति को झाड़ फूंक में उलझाकर अंत में अस्पताल पहुंचते हैं, और उस समय जहर अधिक मात्रा में फैलने के कारण पीड़ित का बचना मुश्किल होता है।