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Dindori News: छात्रावास की छात्राओं का बीईओ कार्यालय घेराव, अधीक्षिका को हटाने आदिवासी छात्राओं का प्रदर्शन

Thu, 07 Aug 2025 08:20 PM IST
डिंडोरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी

बजाग विकासखंड में स्थित आदिवासी सीनियर बालिका छात्रावास की छात्राओं ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी बीईओ कार्यालय का घेराव कर दिया। करीब 80 छात्राएं छात्रावास से निकलकर सीधे बीईओ कार्यालय के सामने पहुंचीं और अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर खुलकर विरोध जताया।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में हाल ही में पदस्थ की गई अधीक्षिका उनके साथ गलत व्यवहार करती हैं। छात्राओं का कहना है कि अधीक्षिका द्वारा उन्हें डांट-फटकार के साथ-साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हो रही हैं। इस व्यवहार के खिलाफ छात्राओं ने एकजुट होकर स्कूल जाना छोड़ दिया और सीधे बीईओ कार्यालय पहुंच गईं।

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छात्राओं ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अधीक्षिका का व्यवहार लगातार अपमानजनक और कठोर रहा है। उन्हें समय पर भोजन नहीं दिया जाता, छोटी-छोटी बातों पर धमकाया जाता है और किसी भी प्रकार की शिकायत करने पर डराया जाता है। छात्राओं का कहना है कि वे भय और अपमान के माहौल में पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बीईओ कार्यालय में हलचल मच गई। मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर स्थिति को समझने का प्रयास किया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि छात्रावास में हाल ही में अधीक्षकों का स्थानांतरण हुआ है। पुरानी अधीक्षिका की जगह नई अधीक्षिका को पदस्थ किया गया है।

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उन्होंने स्वीकार किया कि छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं और मामले की जांच की जाएगी। बीईओ ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि यदि अधीक्षिका दोषी पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्राओं को समझाइश दी जा रही है और उन्हें वापस छात्रावास भेजने की प्रक्रिया जारी है। इस घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि छात्रावास में छात्राओं के अधिकारों और उनकी गरिमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। शिक्षा विभाग पर यह जिम्मेदारी है कि वह छात्राओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल प्रदान करे।

छात्राओं द्वारा किया गया यह विरोध प्रदर्शन केवल एक व्यक्ति विशेष के व्यवहार के खिलाफ नहीं, बल्कि उन सभी व्यवस्थागत खामियों के खिलाफ है जो शिक्षा और छात्रावास प्रणाली में मौजूद हैं। उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन इस मामले में तत्परता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाएगा। 

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