देवास की सर्किट हाउस में एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दमोह जिले के तीन युवकों ने खुद को मध्य प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का करीबी बताकर सर्किट हाउस में जबरन रुकने की कोशिश की। तीनों युवकों ने कर्मचारियों पर रौब झाड़ते हुए धमकी दी कि उन्हें सर्किट हाउस में रोकने का किसी को अधिकार नहीं है और जो मना करेगा, उसे देख लेंगे।
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यह घटना तब सामने आई जब सर्किट हाउस में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की सूचना पुलिस को दी। तीनों आरोपी देवास स्थित सर्किट हाउस पहुंचे और अपने रसूख का झूठा प्रदर्शन करते हुए एक कमरा भी खुलवा लिया। पुलिस को जैसे ही इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उस समय तीनों युवक कर्मचारियों से बहस कर रहे थे। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर कोई वैध पहचान पत्र या सरकारी आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों की पहचान हरिमोहन पटेल (42), देवेंद्र पटेल (32) और मनोज कुमार पटेल (40) के रूप में की है। ये तीनों दमोह जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी हैं और प्राथमिक जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि इनका मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से कोई संबंध नहीं है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत सरकारी पद का झूठा दावा करने का प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और बुधवार को एसडीएम कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन युवकों ने पहले भी किसी अन्य स्थान पर इस तरह का धोखाधड़ी का प्रयास किया है।