दमोह जिले मडियादो थाना क्षेत्र की पाठा ग्राम पंचायत के बहेलिया टोला में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना हुई है। यहां मिलन आदिवासी की मौत होने के बाद लकड़ी का इंतजाम नहीं हुआ और ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिला तो परिजनों ने शव को पत्थर के नीचे दफन कर दिया। शनिवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली तो शव निकालकर पीएम के लिए हटा अस्पताल भेजा गया। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की दखल के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा और विधि सम्मत कार्यवाही की गई। ग्रामीणों द्वारा पुलिस का सहयोग नहीं किया गया। शव को ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला। इसके अलावा शव को पत्थर के नीचे से निकालने के लिए भी ग्रामीणों द्वारा सहयोग नहीं किया गया। इसके चलते प्रधान आरक्षक अमित दुबे, आरक्षक खेमराज अहिरवार और विश्व हिंदू परिषद जिला उपाध्यक्ष बबलू राय द्वारा पत्थर हटाकर शव को बाहर निकाला गया ओर स्ट्रेचर से वाहन तक लाया गया।
ये भी पढ़ें- बहन की शादी का कर्ज चुकाने के लिए बना चोर, कारखाने के कर्मचारी ने उड़ाई 19 किलो चांदी
प्रतिक्षालय में पड़ा था युवक
बता दें कि एक सप्ताह पहले 45 वर्षीय मिलन नामक युवक मडियादो में सरकारी अस्पताल के सामने बने प्रतीक्षालय में दिव्यांग अवस्था में मिला था। जिसने स्थानीय ग्रामीणों को बताया था कि हटा के कुछ लोग उसे यहां देर रात छोड़ गए हैं। इसके अगले दिन मडियादो के कुछ लोग पाठा ग्राम पंचायत के बहेलिया टोला में मिलन को उसके मामा, मामी के घर के बाहर देर रात छोड़ गए थे। दूसरे दिन मिलन की मौत हो गई थी।
रिश्तेदारों ने अनाथ का अंतिम संस्कार न करते हुए अमानवीयता का परिचय दिया और मृतक के शव को पत्थरों के नीचे दबा दिया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद जिला उपाध्यक्ष बबलू राय, बजरंग दल जिला सह संयोजक अजय चौरसिया ओर प्रखंड अध्यक्ष भरत राय मौके पर पहुंचे थे। इसके अलावा प्रभारी तहसीलदार शिवराम चढ़ार ओर मडियादो थाना प्रभारी शिवांगी गर्ग मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। इस संबंध में थाना प्रभारी शिवानी गर्ग का कहना है मामले की जानकारी लगने के बाद शव को बाहर निकलवाया गया और पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। मामले की जांच की जा रही है।