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Damoh News: जंगल के बीच मां दबा रही थी बेटी का गला, रेंजर ने बचाई बच्ची की जान, महिला ने हमला कर फाड़ी वर्दी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Updated Sun, 16 Mar 2025 10:58 PM IST

दमोह जिले के तारादेही मार्ग पर रविवार सुबह एक मां अपनी ही बच्ची का गला दबाकर उसकी जान लेने की कोशिश कर रही थी। बच्ची चीख रही थी, तभी वहां से तारादेही रेंजर देवेंद्र गुर्जर गुजरे। उन्होंने तुरंत अपना वाहन रोका और महिला से बच्ची को छीनकर उसकी जान बचाई। लेकिन इसके बाद महिला ने रेंजर पर हमला कर दिया, उनकी वर्दी फाड़ दी और मौके से फरार हो गई।

महिला पिछले कुछ दिनों से तारादेही थाना क्षेत्र के चौरई गांव में अपनी बच्ची के साथ घूम रही थी। गांववालों के अनुसार, वह बच्ची के साथ मारपीट भी करती थी। इस स्थिति को देखते हुए चौरई निवासी एक परिवार ने बच्ची को अपने घर में शरण दे दी। शनिवार रात महिला बच्ची को खोजती हुई उस परिवार के घर पहुंची, विवाद किया और जबरन उसे अपने साथ ले गई। रविवार सुबह धनगौर की टेक पर उसने बच्ची का गला दबाना शुरू कर दिया।

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रेंजर ने बहादुरी से बचाई बच्ची
संयोग से, रेंजर देवेंद्र गुर्जर उसी समय उस रास्ते से गुजर रहे थे। उन्होंने जब देखा कि बच्ची के मुंह से खून निकल रहा है, तो उन्होंने तत्काल अपनी गाड़ी रोकी और महिला से बच्ची को छुड़ाकर उसकी जान बचाई। महिला ने रेंजर पर हमला कर दिया और उनकी वर्दी फाड़ दी, लेकिन वे बच्ची को सुरक्षित बचाने में सफल रहे। इसके बाद रेंजर ने घटना की सूचना तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी विजय अहिरवाल को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने साथ तेंदूखेड़ा ले जाकर इलाज करवाया।

बच्ची को गोद लेने की इच्छा
फिलहाल, बच्ची तेंदूखेड़ा थाने में सुरक्षित है। बाल संरक्षण और महिला बाल विकास विभाग की टीम दमोह से पहुंच रही है, जो आगे की कार्रवाई तय करेगी। इस बीच, किरण अहिरवाल नामक एक महिला ने थाने पहुंचकर बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा, "मेरे दो लड़के हैं, लेकिन बेटी नहीं। यदि प्रशासन अनुमति दे तो मैं इस बच्ची को गोद लेकर उसकी पूरी देखभाल करूंगी।"

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अधिकारियों की प्रतिक्रिया
रेंजर देवेंद्र गुर्जर ने बताया, "जब मैंने देखा कि बच्ची के मुंह से खून निकल रहा है, तो मैं तुरंत रुका और महिला से बच्ची को छुड़ाया। महिला ने मुझ पर हमला कर दिया, लेकिन मैंने बच्ची को नहीं छोड़ा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।" तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी विजय अहिरवाल ने कहा, "बच्ची सुरक्षित है और उसका इलाज हो चुका है। बाल संरक्षण समिति की टीम के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।"

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