दमोह जिले के सागौनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले पड़री टोला के समीप जंगल में रविवार दोपहर आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते दो किलोमीटर के दायरे तक फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग ने आग पर काबू पाया। ग्रामीण भारत सिंह ने बताया कि उन्होंने जंगल में आग की लपटें उठते देखीं और तुरंत इसकी सूचना सरपंच प्रतिनिधि अमन जैन को दी। अमन जैन ने सागौनी रेंजर अखिलेश चौरसिया को सूचित किया।
इसके बाद वन विभाग की टीम, जिसमें डिप्टी रेंजर जगदीश समदड़िया, राम सफल बैगा, राहुल सिंह और सलीम बख्श शामिल थे, तुरंत मौके पर पहुंची। सभी ने मिलकर गीली झाड़ियों को काटकर और फायर लाइन बनाकर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
अनुमान लगाया जा रहा है कि किसी चरवाहे या राहगीर द्वारा फेंकी गई जलती बीड़ी से सूखी पत्तियों में आग लग गई होगी। गनीमत रही कि जंगल को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह रामपुर टोला तक पहुंच सकती थी। यह जंगल काफी घना है और आगे जाकर छतरपुर जिले में मिल जाता है। यही कारण है कि यहां आए दिन तेंदुए की दस्तक भी होती रहती है।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
डिप्टी रेंजर जगदीश समदड़िया ने बताया कि वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय व तत्काल कार्रवाई के कारण बड़ी घटना होने से बच गई। बता दें कि गर्मी के दिनों में जंगल में आग लगने की घटनाएं अधिक होती हैं। इसमें जलती हुई बीड़ी फेंकने या बांसों के घर्षण के कारण आग लग जाती है, जिसे बुझाने में कई बार एक से दो दिन भी लग जाते हैं।