दमोह जिले के बूढ़ा हटा मार्ग पर तीन दिन पहले निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा ढहने के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। नक्शा के हिसाब से पुल पर पांच पिलर बनने थे, लेकिन एजेंसी ने मौके पर चार ही बनाए।
जब इस मामले में जिम्मेदारों से बात की तो इंजीनियर ने एक पिलर कम बनाने की बात स्वीकारी। हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। जिला प्रशासन ने इसकी जांच कराना तक उचित नहीं समझा।
बता दें कि हटा नगरपालिका यह पुल एसडीएमएम योजना के तहत 89 लाख रुपए से बना रही है। इसे इंजीनियर क्रास ड्रेनेज बताते हैं। इसके पुल की छत ढलाई के समय सेंटिंग का कुछ हिस्सा ढह गया था। जिसमें सेंटिंग एवं मटेरियल धराशायी हो गया था। कार्यपालन यंत्री सागर द्वारा स्वीकृत नक्शे में तीन पियर एवं दो अवटमेंट बनाए जाने थे, लेकिन मौके पर सिर्फ दो पियर एवं दो अवटमेंट पाए गए। इसके अलावा जिस स्थान पर यह पुल निर्माण किया जा रहा है वहां से सीधा एक खेत नजर आ रहा है, जबकि रास्ता जोड़ने के लिए निर्माण के बाद एक अंधा मोड़ बनने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। जबकि नगर पालिका का इस पूरे प्रोजेक्ट में अपना तर्क है कि यहां पर पुल निर्माण होने से बस स्टैंड में आने जाने वाली बसों को जाम से निजात मिलेगी।
इसी तरह अवटमेंट में एक सुरक्षा दीवार का निर्माण भी किया जाता है, लेकिन मौके पर नहीं बनाया जा रहा है। साथ ही पियर में फिक्स एंड और फ्री एंड का प्रावधान नहीं किया गया। पुल के सरिया में क्रेक नहीं बनाए गए शेष भाग में अभी भी लोहा बांधा गया है उसे देखा जा सकता है। नगर पालिका ने अपनी खामी छिपाने के लिए किसी भी वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी नहीं दी साथ ही पुलिस थाना हटा में भी सूचना नहीं दी।
इस संबंध में नगर पालिका उपयंत्री जाकिर रंगरेज का कहना है कि स्थल की लंबाई कम होने की वजह से नक्शा परिवर्तन किया गया है। कार्यपालन यंत्री नगरी प्रशासन सागर के मेघ मिश्रा का कहना है कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है उपयंत्री से फाइल मंगाकर जांच करते हैं।