दमोह जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीशों ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक नई पहल की शुरुआत की है। सोमवार सुबह सभी न्यायाधीश साइकिल या बाइक से न्यायालय पहुंचे, जिससे आमजन आश्चर्यचकित रह गए। इस पहल के तहत अब प्रत्येक सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को न्यायाधीश साइकिल या बाइक से ही न्यायालय आएंगे।
यह निर्णय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुरोध पर लिया गया है। जिला सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज में ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर, पंखे और डीजल-पेट्रोल के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को नुकसान होता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि सभी लोग ऊर्जा की बचत की दिशा में कदम उठाएं। जिला न्यायालय में कुल 18 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जिनमें से कुछ अवकाश पर थे, लेकिन शेष सभी ने इस मुहिम की शुरुआत कर दी।
यातायात सुधार में भी निभाई अहम भूमिका
इससे पहले भी न्यायाधीशों ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी। वे स्वयं सड़क पर उतरकर यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में पुलिस का सहयोग कर चुके हैं। अब, एक बार फिर न्यायाधीशों ने समाज के हित में एक नई पहल कर उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे आम नागरिकों को भी प्रेरणा मिलेगी।