दमोह जिले में देहात थाना क्षेत्र के राजनगर में गुरुवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में घायल आरोपी कासिम के परिजनों ने चमन चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कासिम को पुलिस ने जान बूझकर गोली मारी है। उसके पास कोई हथियार नहीं थे। परिजनों ने चौराहे पर डेढ़ घंटे तक जाम लगाए रखा। पुलिस ने किसी भी प्रकार का हंगामा न करने की हिदायत दी है। इसके बाद प्रदर्शन खत्म किया।
बता दें कि गुरुवार सुबह छह बजे पुलिस से हुई मुठभेड़ में आरोपी कासिम ने जबलपुर नाका चौकी प्रभारी आनंद अहिरवाल पर गोली चला दी, जो उनके हाथ में लगी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई, जो कासिम के पैर में लगी। कासिम कुरैशी को पैर में गोली लगने के बाद पकड़ लिया गया। उसे इलाज के लिए सागर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं, घायल आनंद अहिरवार को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
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चमन चौराहे पर पुलिस तैनात
सुरक्षा के लिहाज से चमन चौराहे पर पुलिस बल को तैनात किया गया है, ताकि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो सके। क्योंकि यहां से बांदकपुर, कुंडलपुर, हिंडोरिया, पटेरा और कुम्हारी से कटनी जाने वाले लोग लोगों का आवागमन होता है।
परिजन बोले, पुलिस ने गोली क्यों मारी
आरोपी कासिम की मौसी ने बताया कि कासिम पठान ने छुट्टन की गाड़ी जला दी थी। इस मामले में वह तीन माह से फरार था। नागपुर में रहकर मजदूरी कर रहा था। वहां से पुलिस उसे पकड़ कर ले आई। उसे देहात थाने में लाया गया। उसे बुधवार को लेकर आए, लेकिन उसकी मां से नहीं मिलाया। उसकी बहन मिलने जा रही थी तो गंदी-गंदी गालियां दी गई। गुरुवार सुबह जब उसकी बहन उससे मिलने गई तो कहा, जाओ अस्पताल में डला होगा। पता चला कि सुबह चार बजे उसे गोली मार दी। परिजनों का कहना था, कासिम का विवाद था तो केस लगा सकते थे, सजा दे सकते हो, लेकिन गोली क्यों मारी। उसे जब लाए तो उसका वीडियो भी है। उसके पास बंदूक नहीं थी तो वह गोली कैसे चलाएगा। छुट्टन के कहने पर हमारे लड़के को गोली मारी गई। हमारा सवाल है कि उसे गोली क्यों मारी।
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हत्या के प्रयास समेत 23 मामले दर्ज
एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि कासिम कुरैशी पर 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गो-हत्या, विस्फोटक अधिनियम, लूट, डकैती और हत्या का प्रयास शामिल हैं। वह कोतवाली और देहात थाना के कछ मामलों में फरार था।