दमोह नगर पालिका में मंगलवार को आयोजित परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। हालत इतने बिगड़े कुछ ही देर में बैठक स्थगित कर दी गई। बैठक में स्लॉटर हाउस का मुद्दा उठते ही माहौल गरमा गया, अध्यक्ष और भाजपा के कुछ पार्षदों के बीच गहमागहमी शुरू हो गई। छह माह बाद आयोजित बैठक में हंगामे के आसार पहले से थे, जिसे देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
सांसद प्रतिनिधि यशपाल ठाकुर ने कहा कि दमोह में किसी भी कीमत पर स्लॉटर हाउस खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जबकि सीएमओ प्रदीप शर्मा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उन्होंने हाईकोर्ट में इस पर असहमति जताई है। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश पर इसका फैसला परिषद में होना था। कुछ पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका स्लॉटर हाउस को अनुमति देना चाहती है।
विवाद तब और बढ़ गया जब नेता प्रतिपक्ष पार्षद विजय जैन ने कर्मचारी जितेंद्र राय के हाथ से बैठक प्रक्रिया का रजिस्टर छीनने का प्रयास किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष मंजू राय के बेटे शिवम राय और पति वीरू राय भी वहां पहुंच गए। मौके पर तैनात पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।
कुछ पार्षदों ने विशेष सम्मेलन की मांग की थी। उनका कहना था कि मार्च में होने वाली बजट बैठक को परिषद की बैठक के बहाने आयोजित किया जा रहा है। पार्षदों ने जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए बैठक का विरोध किया। हंगामे की आशंका को देखते हुए सीएसपी अभिषेक तिवारी सहित कोतवाली पुलिस का बड़ा बल पहले से ही मौके पर तैनात था।
लंबे समय तक चले हंगामे के बाद अध्यक्ष ने बैठक स्थगित कर दी। इसके बाद कुछ हटाए गए कर्मचारी नगर पालिका सीएमओ के वाहन के सामने लेट गए और विरोध करने लगे। हालांकि, नगर पालिका अध्यक्ष के आश्वासन के बाद वे कर्मचारी मान गए।