फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Damoh News: कुंडलपुर में आचार्य समय सागर महाराज का आगमन, हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्वागत, देखें वीडियो

Sun, 23 Mar 2025 10:29 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

दमोह जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में शनिवार दोपहर दिगंबर जैन संत आचार्य समय सागर महाराज का संसंघ आगमन हुआ। वे सतना की ओर से विहार करते हुए दमोह जिले के पटेरा तहसील के कोटा गांव होते हुए कुंडलपुर पहुंचे। कुंडलपुर में आचार्य श्री के स्वागत के लिए जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए। हाथियों को सजाकर शोभायात्रा में शामिल किया गया। 

ग्रामवासियों ने फूलों की वर्षा, मंगल कलश और धार्मिक ध्वजाओं के साथ उनका स्वागत किया। आचार्य श्री के प्रवेश के साथ ही वातावरण मंत्रोच्चार और जयघोष से गुंजायमान हो उठा। आचार्य श्री बड़े बाबा के मंदिर में पहुंचे और दर्शन किए। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं, साधु-साध्वीगण और जैन समाज के श्रद्धालु मौजूद थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने आचार्य श्री का आशीर्वाद लिया।

ये भी पढ़ें: भोपाल में मंच टूटने की घटना के बाद कांग्रेस बड़े मंचों से करेगी परहेज, अगले सप्ताह जारी होगी गाइडलाइन

ग्रामवासियों द्वारा सामूहिक गुरु वंदना की गई। इसके बाद आचार्य श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि धर्म का वास्तविक रूप संयम और अहिंसा है। उन्होंने लोगों को संयमित जीवन जीने, अहिंसा के मार्ग पर चलने और आपसी सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

प्रदेश के कई जिलों से आए मंडल
कुंडलपुर से आगे कटनी रोड पर विभिन्न क्षेत्रों से आए मंडल वाद्य यंत्रों के साथ विहार मार्ग में शोभा बढ़ा रहे थे। हाथी, घोड़ा, जैन धर्म ध्वज लेकर युवा वर्ग, सिर पर कलश लेकर विभिन्न परिधानों में महिला मंडल, बालिका मंडल साथ चल रहे थे। टीकमगढ़ अहिंसारथ दिव्य घोष के कलाकार, गंजबासौदा दिव्य घोष, सर्वोदय बालिका मंडल हटा की बालिकाएं लेझम की खूबसूरत प्रस्तुति देकर आकर्षण का केंद्र बनीं। रानी लक्ष्मीबाई का भेष धारण कर बालिकाएं घोड़े पर सवार थीं, जबकि विभिन्न स्थानों की पाठशालाओं के बच्चे मनमोहक प्रस्तुतियां दे रहे थे।

ये भी पढ़ें: आज से प्रदेश में नया सिस्टम होगा एक्टिव, बढ़ेगा तापमान, 27 के बाद लू चलने के आसार

एक साल बाद आगमन
16 अप्रैल 2024 को कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण के बाद लगभग एक वर्ष बाद आचार्य समय सागर महाराज का प्रथम आगमन हुआ। जगह-जगह आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन, आरती, वंदन, नमन किया गया। कुंडलपुर से चार किलोमीटर दूर कोटा गांव में आचार्य संघ की आहारचर्या हुई। सामायिक के उपरांत आचार्य संघ का मंगल विहार हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कुंडलपुर पहुंचने पर आचार्य संघ ने बड़े बाबा के दर्शन किए। संभावना है कि कुंडलपुर में उनकी ग्रीष्मकालीन वाचना हो सकती है, हालांकि अभी उनके कार्यक्रम तय नहीं हुए हैं। लेकिन, आचार्य श्री के दर्शनों के लिए अब पूरे देश से श्रद्धालु कुंडलपुर पहुंचेंगे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें