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बारिश में भी नहीं डिगे छात्र: एकलव्य आवासीय विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता को लेकर धरना, कीड़े निकलने का आरोप

Mon, 20 Jul 2026 04:37 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। तेज बारिश के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका आरोप है कि छात्रावास में लगातार घटिया गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है और कई बार खाने में कीड़े तक मिल चुके हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने से नाराज छात्रों ने आंदोलन का रास्ता चुना।

सुबह विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और भोजन व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। बारिश लगातार होती रही, लेकिन छात्र मौके से नहीं हटे। उनका कहना था कि जब तक भोजन व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

'शिकायत के बाद भी नहीं बदली व्यवस्था'
धरने पर बैठे छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में परोसा जाने वाला भोजन न तो गुणवत्तापूर्ण है और न ही स्वच्छ। कई बार दाल, सब्जी और अन्य खाद्य सामग्री में कीड़े मिलने की शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल औपचारिक कार्रवाई और आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। छात्रों का कहना है कि खराब भोजन के कारण कई बार उनकी तबीयत भी बिगड़ी, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ।

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बारिश में भी डटे रहे छात्र, प्रशासन में मचा हड़कंप
धरने की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से चर्चा की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि छात्र स्पष्ट रूप से अपनी मांगों पर कायम रहे और भोजन व्यवस्था में स्थायी सुधार की मांग करते रहे।

जांच और कार्रवाई की मांग
छात्रों ने मांग की है कि छात्रावास में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए। यदि भोजन में लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में पौष्टिक, स्वच्छ और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक छात्र-छात्राओं का धरना जारी था। विद्यालय प्रबंधन की ओर से छात्रों को समझाने के प्रयास किए जा रहे थे, जबकि प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। यदि छात्रों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह आदिवासी विद्यार्थियों के लिए संचालित आवासीय विद्यालयों की भोजन व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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