मिड-डे मील जैसे बच्चों के पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उस समय अव्यवस्था सामने आ गई, जब आयोजन स्थल पर बच्चों से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ नजर आई। मामला जिले के एक सरकारी स्कूल का है, जहां आयोजित कार्यक्रम का माहौल बच्चों के उत्सव से अधिक राजनीतिक जमावड़े जैसा दिखाई दिया।
बताया गया है कि कार्यक्रम के दौरान कई बच्चे भोजन के इंतजार में किनारे खड़े रहे, जबकि मंच और कुर्सियों पर जनप्रतिनिधि और स्थानीय कार्यकर्ता बैठे रहे। इसी बीच प्रभारी मंत्री राकेश सिंह कार्यक्रम में पहुंचे और स्थिति देखकर नाराज हो गए।
“पहले बच्चों को खाना खिलाइए”
मौके पर मौजूद अधिकारियों और आयोजकों को फटकार लगाते हुए मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह बच्चों का कार्यक्रम है, हमारा नहीं। सबसे पहले उन्हें सम्मान से खाना खिलाया जाए। मंत्री के सख्त रुख के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और तत्काल व्यवस्था में बदलाव किया गया। बच्चों को प्राथमिकता देते हुए भोजन वितरण शुरू कराया गया।
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दिखावे पर भारी पड़ी अव्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन ध्यान बच्चों की सुविधा से ज्यादा जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और स्वागत पर केंद्रित रहा। कुछ अभिभावकों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों का पोषण है, न कि राजनीतिक प्रदर्शन। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने घटना को “क्षणिक अव्यवस्था” बताते हुए कहा कि मंत्री के निर्देश मिलते ही व्यवस्था सुधार दी गई थी।