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Burhanpur News: महिलाओं-बच्चों समेत 17 मजदूरों को बंधक बनाया, न पैसे दिए और न राशन, फोन भी छीना; फिर ऐसे बचे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Updated Thu, 13 Feb 2025 08:38 AM IST

मध्य प्रदेश की बुरहानपुर जिला पुलिस ने जिले के ग्रामीण अंचलों से बंधुआ मजदूर के रूप में ले जाए गए महिला, पुरुष और बच्चों को छुड़ाया है। इनमें जिले के ग्राम चांदगढ़ और ग्राम पंचायत बंभाड़ा के 5 महिलाएं, 5 पुरुष व 7 बच्चे सहित कुल 17 बंधक बनाए गए मजदूर शामिल हैं, जिन्हें थाना शाहपुर की टीम द्वारा मुक्त कराया गया।

जानकारी के अनुसार, इन मजदूरों को गन्ना कटाई के नाम पर ले जाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद न केवल मजदूरी देना बंद कर दिया गया, बल्कि उन्हें भरपेट राशन तक नहीं दिया गया। चार माह बाद जब उन्होंने मजदूरी मांगी तो उनके साथ मारपीट की गई और उनके मोबाइल भी छीन लिए गए। किसी तरह जिला प्रशासन को इस मामले की जानकारी मिली, जिसके बाद संयुक्त टीम बनाकर मजदूरों को छुड़ाया गया। 

बुरहानपुर के जिला कलेक्टर के निर्देश पर चला ऑपरेशन
बुरहानपुर के जिला कलेक्टर द्वारा जारी एक पत्र के माध्यम से जिला पुलिस को निर्देशित किया गया था कि ग्राम पंचायत बंभाड़ा के ग्राम चांदगढ़ निवासी गमा पिता भाईराम बारेला से बंधुआ मजदूरों से जुड़ी जानकारी प्राप्त हुई है। बताया गया कि ग्राम चांदगढ़ के 5 महिलाएं, 5 पुरुष एवं 7 बच्चे, कुल 17 मजदूरों को जलगांव (महाराष्ट्र) निवासी भाया पिता देवसिंह द्वारा ले जाया गया था। भाया ने इन मजदूरों को गन्ना कटाई के नाम पर सतीश पांढरे, निवासी धाराशिव (उस्मानाबाद), महाराष्ट्र के खेत में छोड़ दिया और मौका मिलते ही भाग गया। इधर, मजदूरों ने सतीश पांढरे के खेत में गन्ना कटाई का काम शुरू कर दिया।

राशन नहीं दिया, मजदूरी मांगने पर की मारपीट
एक सप्ताह बाद जब मजदूरों ने खेत मालिक सतीश पांढरे से राशन के लिए रुपये मांगे तो उसने देने से मना कर दिया। साथ ही मजदूरों को उनकी संख्या के अनुसार राशन भी नहीं दिया। किसी तरह 4 महीने तक मजदूरी करने के बाद मजदूरों ने अपने काम के बदले खेत मालिक से रुपये मांगे तो सतीश पांढरे ने  देने से इंकार कर दिया। मजदूरों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, साथ ही उनके मोबाइल भी छीन लिए गए। उनसे जबरन खेत में काम कराया जा रहा था।

संयुक्त टीम की मदद से ऑपरेशन को दिया अंजाम
उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलते ही थाना शाहपुर टीआई अखिलेश मिश्रा ने एक संयुक्त टीम गठित कर मौके पर पहुंचकर बंधक बनाए गए मजदूरों को जिला प्रशासन की सामूहिक टीम की मदद से मुक्त कराया।

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