बुरहानपुर जिले में लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बने डीपी (बिजली ट्रांसफॉर्मर) चोरी गिरोह का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है। नेपानगर पुलिस ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले से जुड़े इस अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह पर बुरहानपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं और चोरी की गई डीपी की कुल कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह सुनसान इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगी बिजली डीपी को निशाना बनाता था। चोरी की घटनाओं से न केवल विद्युत विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लगातार बढ़ती वारदातों के चलते पुलिस ने विशेष टीम गठित कर निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया था।
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नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जयसवाल के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। पुलिस अब गिरोह के चार अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से जिले में डीपी चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।