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Water Shortage: बैतूल में पानी की किल्लत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल Updated Tue, 27 May 2025 08:00 AM IST

बैतूल शहर में जारी गंभीर जल संकट को लेकर कांग्रेस पार्टी ने विरोध का रास्ता अपनाया है। नगरपालिका कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने खाली मटके फोड़कर नाराजगी जताई और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नगर में पानी आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। पाइपलाइन लीकेज की वजह से बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह रहा है, लेकिन इन्हें ठीक करने को लेकर नगर प्रशासन उदासीन बना हुआ है। कई जगहों पर पानी की सप्लाई के लिए इस्तेमाल की जा रही मोटरें बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे लोगों को कई दिनों तक पानी के बिना रहना पड़ रहा है।

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नेताओं के अनुसार बैतूल के 33 वार्डों में से करीब 20 वार्ड पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं। नागरिकों को पीने के पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से स्थिति बिगड़ती जा रही है, लेकिन न तो जनप्रतिनिधि और न ही अधिकारी इस दिशा में कोई गंभीर कदम उठा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले समय में जल संकट का समाधान नहीं हुआ, तो व्यापक स्तर पर जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए नगरपालिका के सीएमओ ने कहा कि सभी शिकायतों पर कार्य किया जा रहा है और लीकेज या मोटर खराबी जैसी समस्याओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। हालांकि, कांग्रेस इस आश्वासन से असंतुष्ट है। नेताओं का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी।

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जिला अध्यक्ष हेमंत वागदरे ने कहा कि एक मई से नगर में जल वितरण की स्थिति बुरी तरह प्रभावित है। नगरपालिका अध्यक्ष, सीएमओ और पार्षदों की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिख रही है। कई वार्डों में पांच-पांच दिन तक पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर पानी की टंकियों की मोटरें और वॉल्व खराब कर दी गई हैं, जिससे कृत्रिम जल संकट पैदा किया जा रहा है। वागदरे ने यह भी दावा किया कि नदी में पानी होते हुए भी टैंकरों से जल आपूर्ति कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। विपक्ष के नेता राजकुमार दीवान ने कहा कि जब नगर पालिका नागरिकों को पानी देने में असमर्थ है, तो जल कर और कनेक्शन शुल्क बढ़ाना गलत है। उनका कहना है कि अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं है और टैंकरों से पानी की बिक्री में मिलीभगत की आशंका है।

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नगरपालिका सीएमओ सतीश मतसेनिया ने बताया कि शहर में नियमित जल आपूर्ति की जा रही है, हालांकि तकनीकी समस्याओं की वजह से कुछ क्षेत्रों में दिक्कतें आती हैं, जिन्हें शीघ्र ठीक किया जाता है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि मचना नदी सूख चुकी है और डैम का पानी भी काफी हद तक उपयोग में आ चुका है, लेकिन ताप्ती नदी में पर्याप्त जल उपलब्ध है, जिससे पानी लिया जा रहा है। जिन वार्डों में संकट गहरा है, वहां विशेष उपाय किए जा रहे हैं।    

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