फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमपी: बैतूल के बालाजीपुरम में 500 से अधिक जोड़ों ने एक साथ किया करवा चौथ पूजन, 2003 से चली आ रही परंपरा

Thu, 29 Oct 2026 10:09 PM IST
बैतूल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल

बैतूल जिले में स्थित देश के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध श्री रुक्मणि बालाजी मंदिर बालाजीपुरम में आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। यहां करीब 20 वर्षों से चली आ रही सामूहिक करवा चौथ की परंपरा इस वर्ष भी भव्य रूप में मनाई गई। आयोजन में 500 से अधिक जोड़ों ने एक साथ पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। श्री रुक्मणि बालाजी मंदिर बालाजीपुरम में हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सामूहिक करवा चौथ का आयोजन किया जाता है। बालाजीपुरम समिति की ओर से छोटे स्तर पर शुरू की गई यह परंपरा आज देशभर में प्रसिद्ध हो चुकी है। आयोजन में शामिल होने के लिए बैतूल और मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में जोड़े पहुंचते हैं। इस वर्ष भी मंदिर परिसर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर हाथों में पूजा की थाली लेकर मंदिर पहुंचीं। यहां पंडितों ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सामूहिक रूप से करवा चौथ की कथा सुनाई। कथा के बाद महिलाओं ने एक साथ करवा माता की पूजा-अर्चना की और अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन तथा अखंड सौभाग्य की कामना की।

पढ़ें: एक बहन ने बेटे के साथ तो दूसरी ने तीन बच्चों संग कुएं में लगाई छलांग, छह मौतों से कांप उठा इलाका; कोहराम चंद्रोदय के बाद महिलाओं ने छलनी से चंद्रमा और अपने पति का दर्शन कर व्रत खोला। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय श्री बालाजी के जयकारों से गूंज उठा। एक साथ 500 से अधिक जोड़ों द्वारा पूजन किए जाने का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। बालाजीपुरम समिति की ओर से आयोजन के लिए हर साल विशेष तैयारियां की जाती हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि सभी जोड़ों के लिए पूजा सामग्री, बैठने की व्यवस्था, जलपान और प्रसाद की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है। समिति का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को जीवंत बनाए रखना तथा पति-पत्नी के पवित्र बंधन को और मजबूत करना है। वर्ष 2003 से लगातार जारी यह सामूहिक करवा चौथ आयोजन आज देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बन चुका है।  

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें