मध्यप्रदेश के अशोकनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर शुक्रवार को एक बच्ची चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान फिसलकर रेलवे ट्रैक और प्लेटफार्म के बीच फंस गई। वहां मौजूद रेलवे आरक्षक गोविंद सिंह चौहान ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस बहादुरी के लिए डीजीपी ने उन्हें दस हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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जानकारी के अनुसार, 14 वर्षीय बालिका अपनी मां और दो भाइयों के साथ बीना-कोटा मेमो ट्रेन से यात्रा कर रही थी। स्टेशन पर खाने के लिए कुछ लेने के लिए उतरी थी, जब वह वापस ट्रेन में चढ़ने लगी, तब ट्रेन गति पकड़ चुकी थी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म व ट्रेन के बीच फंस गई। वहां मौजूद आरक्षक गोविंद सिंह चौहान ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उसे सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर खींच लिया। घटना के बाद बच्ची घबरा गई थी, जिसे जीआरपी द्वारा संभाला गया और परिजनों को समझाइश दी गई। इस कारण ट्रेन लगभग 10 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर रुकी रही।
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बालिका के परिजनों और यात्रियों ने आरक्षक की त्वरित कार्रवाई और बहादुरी की सराहना की। रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें, चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने का प्रयास न करें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत जीआरपी को दें।