मध्यप्रदेश को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश सरकार आंगनवाड़ी के माध्यम से पानी की तरह से पैसा खर्च कर रही है, लेकिन उसके उलट परिणाम ही देखने को मिल रहे है। ऐसा ही एक ताजा मामला आगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में संचालित होने वाले आंगनवाड़ी से निकलकर सामने आया है, जिसमें बच्चों को कीड़े युक्त पोषण आहार दिया जा रहा है।
बता दें कि मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा तहसील से एक बेहद ही चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर बच्चों को जानवरों को खिलाने वाले आहार से भी बदतर आहार परोसा जा रहा है। मामला यह है कि आंगनवाड़ी में बच्चों को जो पोषण आहार दिया जा रहा है, वह पूरी तरह सड़ा हुआ है और उसमें कीड़े किलबिल-किलबिल कर रहे हैं। जो आहार जानवर नहीं खा सकते हैं, वह नन्हें-नन्हें बच्चों को दिया जा रहा है जो उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है।
नलखेड़ा तहसील जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मानसिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई थी कि आंगनवाड़ी में बच्चों को सड़ा व कीड़े वाला पोषण आहार खिलाने के लिए दिया जा रहा है। जब उनके द्वारा नलखेड़ा तहसील के ग्राम कोहड़िया, मनासा, टोलक्या खेड़ी आदि गांव में जाकर चेक किया तो बच्चों के पोषण आहार में कीड़े निकले, इसके साथ पोषण आहार पूरी तरह सड़ा हुआ निकला। जब इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से चर्चा की गई तो उनके द्वारा कहा गया कि आगे से ही ऐसा पोषण आहार भेजा जा रहा है, उनके द्वारा सिर्फ बच्चों को वितरण किया जा रहा है। वहीं कई आंगनबाड़ी में तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही नहीं है, वह अन्य शहर में है और आंगनबाड़ी राम भरोसे चल रही है और उनका वेतन भी निकल रहा है।
वहीं उक्त मामले में मानसिंह यादव ने आगर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के समक्ष कीड़े वाला पोषण आहार प्रस्तुत किया और उन्हें दिखाया गया और कार्रवाई के लिए आवेदन भी दिया गया है। वहीं मामले में आगर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा कहा गया कि उनके द्वारा मामले में दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।