जिले के नलखेड़ा स्थिति विश्वप्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान मां बगलामुखी का भव्य तिरंगा शृंगार किया गया। मां को मां भारती के स्वरूप में सजाया गया और उन्हें राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों-केसरिया, श्वेत और हरे रंग की चुनरी धारण कराई गई। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को तिरंगे झंडों और फूलों से सजाया गया। रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। मंदिर परिसर में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर और हनुमान मंदिर में भी विशेष तिरंगा शृंगार किया गया, जिससे संपूर्ण धार्मिक परिसर की छटा देखते ही बन रही थी।
गणतंत्र दिवस व गुप्त नवरात्र के मौके पर मां बगलामुखी के दरबार में शक्ति की भक्ति का दौर जारी है। गुप्त नवरात्रि पर माता मंदिर में हर दिन लगभग 50 हजार दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी यहां भक्तों का तांता लगा है। माता मंदिर में भक्तों के द्वारा हवन अनुष्ठान भी जारी है। मां पीतांबरा के दर्शन, पूजन को भक्तों की आस्था का मेला लग रहा। मंदिर क्षेत्र में मंत्रोच्चार, जाप, तप, हवन-अनुष्ठान का सिलसिला चल रहा है। मंदिर पर अलसुबह से शुरू हुआ भक्तों का कारवां देर शाम तक जारी रह रहा है। गणतंत्र दिवस पर मां का आकर्षक शृंगार दर्शन की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु कई घंटों तक लंबी कतारों में खड़े रहे।
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हवन के लिए भी कतार
गुप्त नवरात्रि को लेकर मंदिर पर जहां एक ओर साधक-आराधकों द्वारा मंत्रो के साथ माता की आराधना की जा रही है। वहीं, कर्मकांड पंडित द्वारा श्रद्धालुओं के हवन, पूजन एवं अनुष्ठान विधिपूर्वक संपन्न कराए जा रहे हैं। भक्तजन हवन के दौरान माता का स्मरण करते हुए मंगल आहुतियां पवित्र हवनकुंड में अर्पित कर रहे हैं। इसके अलावा मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा माता के जयकारे लगाते हुए मंदिर क्षेत्र में मंत्रोच्चार, जाप, तप का सिलसिला चल रहा है। यह स्थल तंत्र की क्रियाओं से जाना जाता है। मंदिर परिसर में कई हवन कुंड है, जिसमें आम भक्त और वीआईपी भक्त भी अपनी हवन कुंड में आहुति देते हैं।