लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में जन संस्कृति मंच की ओर से ‘शब्द स्तब्ध है’ पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में हफीज किदवई, अवतिका, नलिन रंजन सिंह, भगवान स्वरूप, वंदना मिश्रा, राकेश, कौशल किशोर और अनिल मौजूद रहे। वक्ताओं ने साहित्य, समाज और समकालीन लेखन पर अपने विचार रखे।