बीएनए के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि रंगमंच केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं बल्कि आत्मा का स्वर भी है। उन्होंने कहा कि रंगमंच की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संवेदनशीलता है। तकनीक हमें जोड़ सकती है लेकिन संवेदनशीलता तो कला के संवर्धन से ही आएगी। उन्होंने कहा कि भारतेंदु नाट्य अकादमी ने नाट्य कला के क्षेत्र में काफी काम किया है। 50 वर्षों की यात्रा को आठ दिवसीय स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह के माध्यम से बीएनए ने बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि नाट्य विधा को केवल शहरों तक सीमित न रखें बल्कि इसे गांव गांव तक पहुंचाएं। भारतीय रंगमंच की परंपरा को और समृद्ध बनाएं और इसे आम आदमी से जोड़ें।