गोमती नगर एक्सटेंशन के पार्थ अड्यांत के रेवती-बी को टावर के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से कंपलीशन सर्टिफिकेट (सीसी) मिलने का आवंटियों ने विरोध किया है। आवंटियों का आरोप है कि जिस टावर को एलडीए ने 'पूर्ण' घोषित किया है, वहां बुनियादी काम भी अधूरे हैं। आवंटी राजकुमार तिवारी, अखिलेश व अन्य लोगों का आरोप है कि अधूरी सुविधाएं, फिर सर्टिफिकेट कैसे दिया गया। यह उनकी जान के साथ खिलवाड़ है। नियमों के मुताबिक, सीसी तभी मिलता है जब फायर फाइटिंग, बिजली और सुरक्षा के सभी मानक पूरे हों। निवासियों का कहना है कि जब फायर डक्ट्स खुले हैं और परमानेंट बिजली कनेक्शन तक नहीं है, तो एलडीए ने इसे 'सीसी' कैसे दे दिया। निवासियों का कहना है कि बिल्डर ने सीसी का इस्तेमाल केवल अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए किया है, जबकि टावर की सुरक्षा और मेंटेनेंस आज भी भगवान भरोसे है। वह इस संबंध में जिम्मेदार विभागों को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं।