माटीकला महोत्सव सिर्फ मिट्टी की महक और हुनर को ही लोगों तक नहीं पहुंचा रहा बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म के रूप में भी काम कर रहा है। माटीकला महोत्सव में पुरुषों के साथ-साथ महिला कारीगरों ने भी सहभागिता करते हुए स्टॉल लगाए हैं और अपने हुनर, कारीगरी को प्रदर्शित कर रही हैं। इसमें से कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जिन्होंने अपने साथ-साथ और महिलाओं को भी रोजगार देकर सशक्तिकरण की तरफ कदम बढ़ाया है। माटीकला महोत्सव को लेकर महिला कारीगरों का कहना है कि इस महोत्सव के जरिये वो नए लोगों से जुड़ रही है और उन्हें काफी कुछ नया सीखने का भी मौका मिला है।