किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भीषण गर्मी के बीच मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में इलाज कराने आए हरदोई निवासी अंगद, जो पैरों से चलने में असमर्थ हैं, तपती सड़क पर घिसटते हुए अस्पताल परिसर में जाते दिखाई दिए। पैरों में चप्पल पहनना संभव नहीं होने के कारण उन्होंने चप्पलों को अपने हाथों में पहन रखा था और उसी सहारे सड़क पार कर रहे थे। भीषण गर्मी में यह दृश्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं गांधी वार्ड के पास बने रैन बसेरे की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। रैन बसेरे को चारों ओर से टीन की चादरों से ढक दिया गया है, जिससे अंदर गर्मी और अधिक बढ़ जाती है। यहां चार पंखे और दो कूलर लगे हैं, लेकिन कूलरों में पानी नहीं होने से वे केवल पंखे की तरह हवा दे रहे हैं। ठंडी हवा न मिलने के कारण रैन बसेरे में ठहरना मुश्किल हो रहा है। हालात यह रहे कि रैन बसेरे में केवल कुछ ही मरीजों के परिजन दिखाई दिए, जबकि अधिकांश तीमारदार गर्मी से बचने के लिए अस्पताल परिसर में पेड़ों की छांव में बैठे नजर आए। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से रैन बसेरे में कूलरों का नियमित संचालन, पानी की समुचित व्यवस्था और गर्मी से राहत के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।