लखनऊ के चौक क्षेत्र स्थित कुड़िया घाट पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोमती सफाई अभियान चलाया गया था। अभियान में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, महापौर सुषमा खर्कवाल, पार्षदों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया था। हालांकि अभियान के कुछ दिन बाद भी घाट की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि गोमती घाटों पर गंदगी अब भी बनी हुई है और कई स्थानों पर हालात पहले जैसे ही नजर आ रहे हैं। घाट किनारे कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट दिखाई देने से सफाई अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता अभियान केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रहकर नियमित रूप से चलाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि नदी और घाटों की सफाई के लिए निरंतर निगरानी, कूड़ा प्रबंधन और जनजागरूकता आवश्यक है। लोगों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि गोमती नदी और उसके घाटों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वच्छता अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके और नदी तटों की स्वच्छता लंबे समय तक बनी रहे।