वर्ल्ड लिवर डे पर एक निजी अस्पताल (अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल), लखनऊ ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया( इसका उद्देश्य लिवर डोनेशन और ट्रांसप्लांट से जुड़े मिथकों और डर को लेकर लोगों को जागरूक करना रहा। अस्पताल के सुपर स्पेशलिस्ट डॉ. आशीष मिश्रा, सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड लिवर ट्रांसप्लांट, एचपीजी एवं जीआई सर्जरी, ने बताया कि लिवर एक ऐसा अंग है, जो ट्रांसप्लांट के बाद कुछ ही हफ्तों में अपना आकार पूरी तरह से पुनः प्राप्त कर लेता है। इससे यह भ्रम भी समाप्त होता है कि डोनर की सेहत पर इसका कोई गंभीर असर पड़ता है।