लखनऊ में कक्षा एक से 12 तक किसी भी शिक्षण संस्थान के अगल-बगल और आमने-सामने गुटखा तंबाकू तक नहीं बेचा जा सकता है, लेकिन राजकीय हाईस्कूल मस्तेमऊ के सामने अंग्रेजी व देशी शराब का मयखाना चल रहा है। इस मयखाने में जाम लड़ाते लोग विद्यार्थियों से गंदे इशारे करते हैं। वहीं विद्यार्थी भी सिर झुकाकर ही अपने छात्र कॉलेज जाने को मजबूर हैं। यहां बेटियां भी पढ़ती हैं। उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कॉलेज के सामने कई सालों से अंग्रेजी और देशी शराब का ठेका चलता है। लोग यहां से शराब की बोतले लेकर वहीं दिन में पीना शुरू कर देते हैं। इस स्थिति में कॉलेज आते जाते हुए छात्र-छात्राओं को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। कॉलेज के शिक्षक भी कहते हैं कि इससे बच्चों को परेशान होती है, पर सुनने वाला कोई नहीं है। कॉलेज में दसवीं कक्षा की छात्राओं ने कहा कि यहां आए दिन लोग शराब पीकर सड़क किनारे पड़े रहते हैं, इस स्थिति में कॉलेज जाने में असहज लगता है। इस बारे कॉलेज की छात्रा आराधना पांडेय, अनुराधा, काजल, खुशी और नंदिनी ने बताया कि कई बार लोगों ने शराब के नशे में गंदे इशारे किया, लेकिन हम कहां शिकायत करने जाए। इस दौरान महक यादव, खुशी, प्रियांशी, नंदिनी ने कहा मेरी सरकार से मांग है कि कॉलेज के सामने से शराब का ठेक हटाया जाए। प्रधानाचार्य कुसुम वर्मा ने कहा कि ये कॉलेज कई सालों से संचालित हो रहा है, फिर भी सामने शराब की दुकान खुलने की अनुमति दे दी गई। इससे बच्चों को परेशानी होती है। इसे यहां से हटाया जाना चाहिए।