राजधानी लखनऊ के राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा विभाग की पहल पर एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। कॉलेज में राज्य सरकार और टाटा के साझा प्रयास से 14 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हाई-टेक टाटा ड्रीम लैब बनेगी। इसका उद्देश्य रटकर पढ़ने की पारंपरिक संस्कृति को बदलकर ''करके सीखने'' की नींव रखना है। छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों को किताबों में नहीं, बल्कि कंप्यूटर और एआई स्टूडियो के जरिये सीखेंगे। वे कोडिंग का व्यावहारिक अभ्यास भी कर सकेंगे। इसके अलावा विद्यार्थी सेंसर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) का उपयोग कर लाइव परियोजनाएं और ऑटोमेशन मॉडल तैयार करना सीखेंगे। अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और थ्री डी प्रिंटर की मदद से स्कूल स्तर पर ही उन्नत डिजाइन और विनिर्माण का हुनर विकसित होगा। लैब के लिए कॉलेज का एक पूरा भवन खाली कर लिया गया है। प्रधानाचार्य सुमित श्रीवास्तव का दावा है कि अगले एक माह में ये लैब तैयार हो जाएगी। लैब के लिए भवन चिन्हित कर लिया गया है। ऐसी लैब किसी भी सरकारी विद्यालय में नहीं है।